यूक्रेन युद्ध में एलन मस्क के Starlink को ब्लॉक करने की फिराक में रूस: तैनात किए खतरनाक जैमिंग सिस्टम, ड्रोन हमलों को रोकने के लिए बदला पैंतरा

कीव/मॉस्को: रूस-यूक्रेन युद्ध अब एक नए और बेहद आधुनिक डिजिटल युग में प्रवेश कर चुका है। न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने यूक्रेन के सबसे बड़े हथियार—यानी उसके लॉन्ग-रेंज ड्रोन नेटवर्क—को पंगु बनाने के लिए एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) के ‘Starlink’ सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। रूस अब यूक्रेन के स्टारलिंक सिग्नल्स को ठप करने के लिए बेहद शक्तिशाली इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग सिस्टम (Electronic Jamming Systems) तैनात कर रहा है।
यूक्रेन के ‘मिड-स्ट्राइक’ ड्रोन्स की रीढ़ है स्टारलिंक
युद्ध के मैदान में यूक्रेन के “मिड-स्ट्राइक” ड्रोन्स ने रूस की अग्रिम पंक्तियों (Frontlines) के पीछे तबाही मचा रखी है। ये ड्रोन कम लागत में रूसी सेना के फ्यूल डिपो, सप्लाई चेन, एयर डिफेंस और कमांड सेंटर्स को निशाना बनाते हैं। इतनी लंबी दूरी से ड्रोन ऑपरेटर्स और पायलटों के बीच लाइव कम्युनिकेशन बनाए रखने का एकमात्र जरिया एलन मस्क का ‘स्टारलिंक इंटरनेट’ है, जिसे अब तक इलेक्ट्रॉनिक दखलअंदाजी से सुरक्षित माना जाता था। लेकिन अब रूस इसे ही ब्लॉक करने की कोशिश कर रहा है।
रूस का खतरनाक जैमर: ‘Volna Kupol Garant’
यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय के सलाहकार सेरही बेस्क्रेस्तनोव के अनुसार, रूस ने स्टारलिंक को ब्लॉक करने के लिए ‘Volna Kupol Garant’ नाम का एक नया और बेहद घातक जैमिंग सिस्टम तैनात किया है। यह सिस्टम लगभग 20 वर्ग किलोमीटर के दायरे में स्टारलिंक की कनेक्टिविटी को पूरी तरह ठप या अस्थिर कर सकता है। यूक्रेनी सेना ने अब तक ऐसे 10 रूसी जैमिंग सिस्टम्स की पहचान की है, जिन्हें नष्ट करना अब यूक्रेन की पहली प्राथमिकता बन गया है।
निगरानी से बचने के लिए रूस ने अपनाया ‘गोरिल्ला पैंतरा’
इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर के अलावा रूसी सेना ने यूक्रेनी ड्रोन्स की नजरों से बचने के लिए अपने लॉजिस्टिक्स और सप्लाई के तरीके को भी पूरी तरह बदल दिया है:
- सिविलियन गाड़ियों का इस्तेमाल: रूसी सेना अब मिलिट्री फ्यूल और गोला-बारूद ले जाने के लिए सेना के ट्रकों के बजाय आम नागरिक गाड़ियों, पेंट की हुई दूध की गाड़ियों (Milk Trucks) और पानी के टैंकर्स का इस्तेमाल कर रही है।
- छोटे रास्तों का सहारा: बड़े सैन्य काफिलों के बजाय रूसी सैनिक अब छोटे रास्तों से क्वाड बाइक्स और मोटरसाइकिलों पर छिपकर सप्लाई पहुंचा रहे हैं।
- अड्डों को छुपाना: सैन्य सामान को अब खाली पड़े मकानों, खेतों और आम पेट्रोल पंपों पर छुपाकर रखा जा रहा है।
क्या बदल जाएगा युद्ध का रुख?
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यूक्रेन के ड्रोन अभियान ने इस साल युद्ध में बड़ी बढ़त दिलाई थी, लेकिन रूस अब तेजी से इसकी काट ढूंढ रहा है। अगर रूस ने इन स्टारलिंक जैमर्स का उत्पादन बड़े पैमाने पर बढ़ा दिया, तो यूक्रेन के लिए अपने ड्रोन्स को कंट्रोल करना बेहद मुश्किल हो जाएगा। फिलहाल दोनों ही देश टेक्नोलॉजी के इस खेल में एक-दूसरे को मात देने के लिए लगातार अपनी रणनीति बदल रहे हैं।
