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आईसीएआर के 98वें स्थापना दिवस पर अविकानगर संस्थान की अनूठी पहल, पशु स्वास्थ्य शिविर, पौधरोपण व किसानों को अल नीनो से बचाव के दिए सुझाव

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रिपोर्टर :- सुरेश भदाला

अविकानगर/मालपुरा (टोंक)। केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-सीएसडब्ल्यूआरआई), अविकानगर में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) का 98वां स्थापना दिवस सेवा, जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण की विभिन्न गतिविधियों के साथ उत्साहपूर्वक मनाया गया। संस्थान निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर के निर्देशन में बालापुरा गांव में पशु स्वास्थ्य शिविर एवं अल नीनो प्रभाव पर कृषक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिविर में 35 पशुपालकों के लगभग 650 भेड़, बकरी एवं गायों का उपचार कर पशुपालन संबंधी तकनीकी सलाह दी गई।

कार्यक्रम के दौरान मालपुरा भेड़ परियोजना से जुड़े पांच भेड़पालकों को नस्ल सुधार के लिए मालपुरा बीजू मेढ़ों का वितरण किया गया। वहीं, “हरियालो राजस्थान-एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत संस्थान परिसर एवं कॉलोनी में आम, अमरूद, आंवला, जामुन, नींबू, बेर, अनार सहित 378 से अधिक फलदार, छायादार एवं चारा वृक्ष लगाए गए। संस्थान के वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों ने नई दिल्ली स्थित आईसीएआर मुख्यालय के स्थापना दिवस समारोह का ऑनलाइन प्रसारण भी देखा।

निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर ने बताया कि आईसीएआर ने संस्थान की पांच तकनीकों को प्रमाणित कर सम्मानित किया है, जो वैज्ञानिकों की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस किसानों की सेवा को समर्पित रहा। वैज्ञानिकों ने किसानों को अल नीनो के दौरान हरे चारे का साइलेज एवं हे तैयार करने, पशुओं को नियमित मिनरल मिक्सचर खिलाने, पर्याप्त पानी व छाया की व्यवस्था रखने तथा कम पानी वाली फसलें जैसे बाजरा एवं ग्वार की खेती अपनाने की सलाह दी। इस अवसर पर अनुसूचित जाति के बीपीएल भेड़पालकों को स्टील दाना भंडारण टंकी, दातली एवं मिनरल मिक्सचर ईंट का भी वितरण किया गया। कार्यक्रम में डॉ. पी.के. मल्लिक, डॉ. लीलाराम गुर्जर, डॉ. सुभाष कच्छवाहा, डॉ. राजेश बिश्नोई, डॉ. रंगलाल मीणा सहित अनेक वैज्ञानिक एवं तकनीकी कर्मचारी उपस्थित रहे।


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